बरसात और तुम

बरसात और तुम

एक रोज अचानक से मेरी ज़िन्दगी में आये तुम बिल्कुल बरसात की तरह
हँसते हुए ,मुस्कुराते हुए ,खिलखिलाते हुए,मचलते हुए,सँवरते हुए
ऐसा जिसे न कोई रोक सके ,ना ही कोई टोक सके
अपने ही उमंगों में मदमस्त ,बेख़बर,आह्लाद सी
जो जिंदगी को भी जीने का ढंग सीखा दे,
उन ओस की बूँदो की तरह जो सुबह की घासों पे,
पत्तों पे पड़ते ही उनको फिर से हरा कर दे ,
जिंदा कर दे…

एक रोज अचानक से मेरी ज़िन्दगी में आये तुम बिल्कुल बरसात की तरह…
एक रोज अचानक से मेरी ज़िन्दगी में आये तुम बिल्कुल बरसात की तरह
जो आकाश से बेपरवाह गिरी,अपने बूँदों की सहेलियों को ले के
नाचते हुए ,झूमते हुए ,कहकहे लगाते हुए
मिट्टी की प्यास बुझाने ,
ठीक उसी तरह जिस तरह तुम आयी थी मेरी ज़िन्दगी में,
और बदल दिया मुझे,
अब नयी ज़िन्दगी ,नई खुशियाँ ,नई तरंग और नया उमंग है,
तुमने आकर मन को छुआ, रूह को स्पर्श किया
कब दिल क्या ,धड़कन क्या,आत्मा भी तेरी नूर की उजली रौशनी में लिपट के जगमगा रही है,
जैसे पूरे जहाँ के फूल अपने रंगों को बिखेर रहे हैं,
अब तेरी मुस्कुराहट को देख के मुस्कुराता हुँ,हँसता हुँ ,गाता हुँ
अब नए आस ,नए सपने,नये जुनून हैं,
न कोई फ़िक्र है , न कोई घमण्ड है,
न जीतने का लालच ,न खोने का ग़म है
अब हर जगह सिर्फ तुम ही तुम है ,और तुम है…

एक रोज अचानक से मेरी ज़िन्दगी में आये तुम बिल्कुल बरसात की तरह
पर आज तू खुद बरसात में भींगी हुई थी,
बूँदों से लिपटी हुई थी,
थोड़ी गीली सी
अपनी घूंघराली लटों को सुलझाती और बिखराती हुई
मानो स्वर्ग का दरवाजा खुला और खुद शिव ने सीढ़ी बनाये
और तुम मेरे सामने आई,प्यार की घड़ियों में ले जाने को
तुम्हारे आने का सुख शायद अमृत को पाने के सुख से भी ज्यादा था
ऐसा लगा की ज़िन्दगी में अब कुछ नहीं चाहिए
राम रोम खिल उठे,धड़कने रागिनी गाने लगीं
ओर बरसात की बूँदें भी अपनी संगीत से ,
सुर से ,उस समय के लम्हे को सजाने लगीं…
मेरे आँखों के पलकों ने भी झुकने से बगावत कर दी
काश ये पल रुक जाए, काश तुम ठहर जाओ
काश थोड़ी ज़िन्दगी और जी लूँ
काश थोड़ी खुशी और पा लूँ
आज खु़दा से बस यही इबादत है
आज न बरसात जाये और न ही तुम…
एक रोज अचानक से मेरी ज़िन्दगी में आये तुम बिल्कुल बरसात की तरह…

समझ से परे है समझ तेरी !!

समझ से परे है समझ तेरी !!

समझ से परे है समझ तेरी
समझ से परे है समझ मेरी
मेरे लिए तू शांति
तेरे लिए मैं युद्ध
मेरे लिए तू कविता
तेरे लिए मैं निरर्थ
मेरे लिए तू भविष्य
तेरे लिए मैं बीता कल
मेरे लिए तू अभिमान
तेरे लिए मैं कायरता
मेरे लिए तू धूप
तेरे लिए मैं सर्द रात
मेरे लिए तू क़श्ती
तेरे लिए मैं समन्दर की तूफान
मेरे लिए तू हमसफर
तेरे लिए मैं साया
मेरे लिए तू मंज़िल
तेरे लिए मैं सिर्फ रास्ता
समझ से परे है समझ तेरी
समझ से परे है समझ मेरी

मेरे लिए तू सच
तेरे लिए मैं झूठ
मेरे लिए तू दवा
तेरे लिए मैं ज़हर
मेरे लिए तू ख़्वाब
तेरे लिए मैं हक़ीक़त
मेरे लिए तू रोशनी
तेरे लिए मैं अन्धेरा
मेरे लिए तू घमंड
तेरे लिए मैं शर्म
मेरे लिए तू सपना
तेरे लिए मैं सच
मेरे लिए तू आशीर्वाद
तेरे लिए मैं शाप…
समझ से परे है समझ तेरी
समझ से परे है समझ मेरी

मेरे लिए तू इबादत
तेरे लिए मैं गाली
मेरे लिए तू ज़िंदगी
तेरे लिए मैं मौत
मेरे लिए तू सज़दा
तेरे लिए मैं हराम
मेरे लिए तू दरिया
तेरे लिए मैं प्यास
मेरे लिए तू खुशी
तेरे लिए मैं दुःख
मेरे लिए तू दवा
तेरे लिए मैं रोग
मेरे लिए तू मोहब्बत
तेरे लिए मैं नफरत
समझ से परे है समझ तेरी
समझ से परे है समझ मेरी

मेरे लिए तू आकाश की ऊँचाई
तेरे लिए मैं पाताल की गहराई
मेरे लिए तू अलाव की गर्मी
तेरे लिए मैं सर्दी की कँपकपाहट
मेरे लिए तू रेगिस्तान का पानी
तेरे लिए मैं रेत का समन्दर
मेरे लिए तू सबसे समझदार
तेरे लिए मैं सबसे बड़ा पागल
मेरे लिए तू मेरी उम्मीद
तेरे लिए मैं सिर्फ निराशा
मेरे लिए तू जाड़े की सुनहरी धूप
तेरे लिए मैं गर्मी की बेचैनी
समझ से परे है समझ तेरी
समझ से परे है समझ मेरी

मेरे लिए तू तो सुबह का उजाला
तेरे लिए मैं शाम का अन्धेरा
मेरे लिए तू जीवन
तेरे लिए मैं मृत्यु…
मेरे लिए तू अर्थ
तेरे लिए मैं अनर्थ..
मेरे लिए तू प्रेम
तेरे लिए मैं जाति का बँधन
मेरे लिए तू अपनापन
तेरे लिए मैं धर्म का ओछापन
मेरे लिए तू सुंदरता की मूरत
तेरे लिए मैं भाषा की घृणा
समझ से परे है समझ तेरी
समझ से परे है समझ मेरी

अब जरूरत नहीं है…

अब जरूरत नहीं है…

अब जरूरत नहीं है…
तेरी हर बातों की और मेरी हर मुलाक़ातों की
तेरे हर चहकने की और मेरे हर बहकने की
अब जरूरत नहीं है…

तेरे हर ज़िक्र की और मेरे हर फ़िक्र की
तेरे हर ख़्याल की और मेरे हर सवाल की
अब जरूरत नहीं है…

तेरे हर अर्ज़ की और मेरे हर फ़र्ज़ की
तेरे हर दीदार की और मेरे हर इंतज़ार की
अब जरूरत नहीं है…

तेरे हर मुस्कान की और मेरे हर अरमान की
तेरे हर यकीन की और मेरे हर वजह की
अब जरूरत नहीं है…

तेरे हर दवा की और मेरे हर दर्द की
तेरे हर शिक़वे की और मेरे हर शिकायत की
अब जरूरत नहीं है…

तेरे हर ख़ामोशियों की और मेरे हर लड़ाइयों की
तेरे हर रूठने की और मेरे हर मनाने की
अब जरूरत नहीं है…

तेरे हर हक़ीकत की और मेरे हर ख़्वाब की
तेरे हर उलझनों की और मेरे हर जवाब की
अब जरूरत नहीं है…

तेरे हर नज़रअंदाज़ की और मेरे हर ध्यान की
तेरे हर मौन की और मेरे अंदर उठी हर तूफ़ान की
अब जरूरत नहीं है…

अब सच कहूँ तो,
तेरे आने की और अब जाने की
तेरे हर इक़रार की, इज़हार की और इंकार की
और तेरे हर प्यार की
अब जरूरत नहीं है…

किंकर्त्तव्यविमूढ़ क्यूँ हो तुम

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किंकर्त्तव्यविमूढ़ क्यूँ हो तुम
क्या समय अब रूठ गया
क्या भाग्य अब फूट गया
क्या संसार अब छूट गया
क्या दिल अब टूट गया

किंकर्त्तव्यविमूढ़ क्यूँ हो तुम
क्या व्याकुल मन है
क्या व्याकुल तन है
क्या व्याकुल धन है
क्या व्याकुल ये जीवन है

किंकर्त्तव्यविमूढ़ क्यूँ हो तुम
क्या जीवन ने फिर तुमको ठगा
क्या अपनों ने फिर तुमको लुटा
क्या साहस हारा, धैर्य हारा और हारा तुम्हारा परिश्रम भी

किंकर्त्तव्यविमूढ़ क्यूँ हो तुम
क्या कुछ अपनों ने दुनियाँ छोड़ी या
क्या कुछ अपनों ने तुमको दुनियाँ में छोड़ा
क्या कुछ सपने परिस्थितियों की सूली चढ़ गये
क्या कुछ सपनें समय के भेंट चढ़ गये

किंकर्त्तव्यविमूढ़ क्यूँ हो तुम
आशा और निराशा पर्याय हैं यहाँ
जीवन और मरण अटल है यहाँ
सुख और दुःख सबको जीना है
आँसू और ग़म सबको पीना है

किंकर्त्तव्यविमूढ़ क्यूँ हो तुम
मुट्ठी बाँधे आये थे
और हाथ पसारे जाओगे
फिर क्यूँ इतना दुःख, क्यूँ इतना संघर्ष है करना
उम्मीद रखो, विश्वास रखो,
परमात्मा पर आस रखो
कुछ नहीं तो सिर्फ ख़ुद पे विश्वास रखो

अपनी परछाइयाँ ढूंढने चला हूँ मैं

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अपनी परछाइयाँ ढूंढने चला हूँ मैं
कोई बतलायेगा कि कहाँ जाना है मुझे
सरसों के खेतों में या
रेगिस्तान के रेतों में
बचपन के खेलों में या
छुक-छुक करती रेलों में
कोयल के गानों में या
पतंग के इठलाने में

अपनी परछाइयाँ ढूंढने चला हूँ मैं
कोई बतलायेगा कि कहाँ जाना है मुझे
माँ के प्यार में या
पापा के दुलार में
बहनों के पुचकार में या
भाइयों के ललकार में

अपनी परछाइयाँ ढूंढने चला हूँ मैं
कोई बतलायेगा कि कहाँ जाना है मुझे
उमंग में, हुड़दंग में या
जीवन के रंग में
शोर में, जोर में
या प्यार की डोर में

अपनी परछाइयाँ ढूंढने चला हूँ मैं
कोई बतलायेगा कि कहाँ जाना है मुझे
समय में, सम्वेदना में या
हृदय की चेतना में
संघर्ष में, जुनूनों में
या हौसलों की उड़ान में

अपनी परछाइयांँ ढूंढने चला हूँ मैं
कोई बतलायेगा कि कहाँ जाना है मुझे
गीता में, क़ुरान में या
बाईबल के ज्ञान में
अज़ान में, ध्यान में
या बचपन की मुस्कान में

एक द्वंद्व है

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एक द्वंद्व है
मन के अन्दर
और मन के बाहर

एक द्वंद्व है
सपनों में
और धरातल में

एक द्वंद्व है
अपनों में
और परायों में

एक द्वंद्व है
अमीरी में
और गरीबी में

एक द्वंद्व है
शिक्षित में
और अशिक्षित में

एक द्वंद्व है
आशा में
और निराशा में

एक द्वंद्व है
जीत में
और हार में

एक द्वंद्व है
जीवन में
और मरण में

एक द्वंद्व है
सच में
और झूठ में

एक द्वंद्व है
रोने में
और हॅंसने में

एक द्वंद्व है
अहिंसा में
और हिंसा में

एक द्वंद्व है
इन्सान में
और भगवान में

एक द्वंद्व है
मुझ में
और तुम में

एक द्वंद्व है
हमसब में
ये द्वंद्व ही जीवन है

ज़िंदगी तेरी फ़ितरत क्या है

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ज़िंदगी तेरी फ़ितरत क्या है
कभी तो मासूम थी
कभी मनचली भी
क्या हुआ तुझे
क्यूं मुँह मोड़ा तुने
क्या ग़लती हुई मुझसे
जरा बता मुझे

ज़िन्दगी तेरी फ़ितरत क्या है
कभी मेहरबान थी
अब क्यूँ है ख़फा
शोर भी अब सन्नाटा है
हौसलों में अब खामोशी है
मुस्कराहटें भी अब झूठी है
क्या ग़लती हुई मुझसे
जरा बता मुझे

ज़िन्दगी तेरी फ़ितरत क्या है
अपने पराये हो गये
इश्क़ मुकामिल न रहा
सारे सही ग़लत हो गये
और ग़लत सारे सही
अब धुंध है सन्नाटा है और सिर्फ है मायूसी
क्या ग़लती हुई मुझसे
जरा बता मुझे

ज़िन्दगी तेरी फ़ितरत क्या है
अब खुद को ढूंढ रहा हूँ
कभी अंदर कभी बाहर
कभी ध्यान में कभी भगवान में
कभी मंजिलों में कभी रास्तों मे
कुछ तो रहम कर
क्या ग़लती हुई मुझसे
जरा बता मुझे

Half Day in Bandra

View of Worli Sea Link from Bandra Fort

Like every travel lover , i can’t sit in the home on holiday or the day i am free. I love to go out and roam free,click photos,capture memories,sit in silence to know myself.I had half day’s time,so i decided to go to Bandra,Mumbai.I had made my itenary after lot of reading and research for my half day trip which includes the following.

  • Chapel Road & Nagrana Lane
  • Castella de Aguada(Bandra Fort)
  • Bandra Bandstand 
  • Mount Mary Church
  • Carter Road

Chapel Road

Chapel road has its own beauty of street art. If you want to see artistic imagiation and creativity with message to the society and wall graffiti of famous your bolywood artists you must visit here.

Nagrana Lane

Nagrana Lane is at walking distance from chappel road . This lane will continue with the legacy of the carter road with mesmerising wall art.

It was my plesure to visit Chapel’s Road and Nagrana Lane.It was like visiting artistics galary.

Bandra Fort

Castella de Aguada also called as Bandra Fort built by portuguse in 1640 , is an excellent spot for enjoy scenic beauty ,take pictures,enjoy cool evening breeze and watching beautiful sunset. It has witnessed the shooting of many hindi movies like Jaane Tu..Ya Jaane Na,Dil Chahta Hai,Buddha Mil Gaya and many more. Bandra fort also consists of a beautiful garden inside itself with a variety of flower and trees.You will also see this garden as lover’s point as couples sitting all around the garden.

Bandra Bandstand

Blissful Shore,Bandra Bandstand

Bandra Banstand is 1.2 Km long walkway long sea shore making it perfect place for spending a nice evening.You can sit hear peacefully on rock and enjoy the waves of Sea which will come with life and take all your pain while going back.You can have Chana Jor Garam and tea/coffee/bornvita from the local vendors while enjoying the cool breeze.This place is also perfect for enjoying the beautiful sunset sitting on the black rocks in the serenity of sea.On sitting on the rock and watching the sea ,I live the lines of Bhanu Didi from her book Gurudev On the plateau of the peakI have always loved the sea.It reminds me of infinity ,endless vastness.Each wave,powerful ,is part of the ocean yet distinct from it.When it rises,it is aware of itself as a wave, and as it recedes,it merges back with the ocean.Such is our life too.

Mount Mary Church

While entering the church it is very blissful to see Mount Mary with child jesus .People come here for grace of divine mother in their life, they pray for their troubles and problems of life and it is said that mother mary does not leave any one unattended.Praying here will give you hope,strength and grace in your life.

It is roman catholic church,stands on a hillock, about 80 metres above sea level overlooking the Arbian sea.

Carter Road

I love this place since for food lover’s it is paradise.Being a foodie i could not control myself tasting a variety of food here. Everyone can enjoy according to their taste either vegetrain or non vegetrain. whole road is filled with food joints on both the sides taking you to a heven of food.I have my first taste of mock meat (a type of vegetarian processed food, often containing a soy, gluten, and vegetables, shaped and coloured to resemble real meat.) here in GOOD eat a awesome pure vegetarian Outlet. You can have a nice vegetrain dishes with similar taste of butter chicken,mutton rolls and so on. I also tried Lassi Te Parrontthe,a place with all the menu on wall with a beutiful graphiti menu and taste is also mindblowing.You can have your’s according to your mood and hunger.But I must say everyone should visit this road and enjoy their mouth watering feast here,You will suerly love it.

The Peace

If you want to find peace from all the situations personal,professional, emotional you will not get it from others.you need to speak to yourself , your own mind will give you answer.It will make you free from burden you are carrying inside. You are only healer of yourself.Every other thing can support you but you need to find the answer yourself. You are your own medicine and treatment between conflict between your heart and mind.

Just remember one thing , we don’t have control on everything but what we can be do is we can behave positively, do the right thing. We can do hard work,progressive work and positive work.If not completely at least try.It will not heal you completely but slowly slowly give courage and confidence of patience which will lead you towards positivity and happiness.

हौसला!!!

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समय के काल में खोया हुआ हृदय

निर्झर आँखें, मलिन मन

अँधेरों के आगे की इक वो रौशनी

वो हौसला!!!

विचलित मन, उदास आत्मा

सूना संसार,हर पल कठिनाइयाँ

जिंदगी की उलझने, थका हुआ शरीर

फिर भी मुस्कुराने कीगयी हर एक कोशिश

वो हौसला!!!

ना भाग्य का चमक,

ना अपनों का धमक,

सूनेपन में भी एक स्थिरता की गूँज

वो हौसला!!!

परिवार की जिम्मेदारियाँ,

पैसों का अभाव,

फिर भी मेहनत से सब पूरा करने की लगन,

वो हौसला!!!

खुद को खुद से बेहतर बनाने का आगाज़,

हर दर्द की टीस पे मुस्कुराने का अंदाज,

कभी हार ना मानने का हर वो प्रयास,

वो हौसला!!!