पतझड़

पतझड़
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क्या तेरा दिल न रोया होगा
जब तुमने मुझको खोया होगा
अहसासों ने क्या बोला होगा
जब तुमने हमको तौला होगा

प्यार वफ़ा सब बातें रह गयी
जब तुमने ये उलझन खोला होगा
आँसू झर-झर गिरते होंगे
आँखों ने जब रोया होगा

टीस तुम्हें भी उठी होगी
याद तुम्हें भी आती होगी
मन बैरी-सा होता होगा
जब तुमने मुझको छोड़ा होगा

धरती रूकती होगी शायद
सूना जीवन का हर कोना होगा
दर्द ने तुमको तोड़ा होगा
तब तुमने मुझको छोड़ा होगा