हाँ हम मजदूर हैं

हाँ हम मजदूर हैं

हाँ हम मजदूर हैं
हम अपने गाँवों से दूर हैं
भूख की आग ने कहाँ लेके फेंका
ख़ुदख़ुशी को मजबूर हैं

हाँ हम मजदूर हैं
शिक्षा से सुदूर हैं
परमात्मा ने क्यूँ ये खेल खेला
इँसानियत के हक़ से भी महरूम हैं

हाँ हम मजदूर हैं
बेबसी का गुरुर हैं
गरीबी का अभिशाप लिए हम
पूँजीपतियों के पैरों की धूल हैं

हाँ हम मजदूर हैं
बुनियादी जरुरतों से दूर हैं
खून पसीना से सींचा हमने भी देश को
फिर देश क्यूँ इतना क्रूर है

हाँ हम मजदूर हैं
हाँ हम मजबूर हैं
हाँ हम मजदूर हैं
हाँ कहाँ संघर्ष से दूर हैं ?

ज़िंदगी से एक प्रश्न?

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ऐ ज़िंदगी
समय की तरह बहूँ क्या तुझमें
हौसलों की तरह उडूँ क्या तुझमें
परिस्थितियों की तरह झुकूँ क्या तुझमें
स्वप्नों की तरह रुकूँ क्या तुझमें

ऐ ज़िंदगी
आँसुओं की तरह टपकूँ क्या तुझमें
नींदों की तरह भटकूँ क्या तुझमें
उल्फ़त की तरह तरसूँ क्या तुझमें
आशिक़ की तरह तड़पूँ क्या तुझमें

ऐ ज़िंदगी
शराबी की तरह बहकूँ क्या तुझमें
खुशियों की तरह चहकूँ क्या तुझमें
गजलों की तरह छलकूँ क्या तुझमें
गीतों की तरह महकूँ क्या तुझमें

ऐ ज़िंदगी
आदत की तरह ढलकूँ क्या तुझमें
फ़ितरत की तरह चलूँ क्या तुझमें
दौलत की तरह चमकूँ क्या तुझमें
सोहरत की तरह धमकूँ क्या तुझमें

ऐ ज़िंदगी
अंगारों की तरह जलूँ क्या तुझमें
सूरज की तरह तपूँ क्या तुझमें
लहरों की तरह उठूँ क्या तुझमें
रास्तों की तरह मिलूँ क्या तुझमें

पतझड़

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क्या तेरा दिल न रोया होगा
जब तुमने मुझको खोया होगा
अहसासों ने क्या बोला होगा
जब तुमने हमको तौला होगा

प्यार वफ़ा सब बातें रह गयी
जब तुमने ये उलझन खोला होगा
आँसू झर-झर गिरते होंगे
आँखों ने जब रोया होगा

टीस तुम्हें भी उठी होगी
याद तुम्हें भी आती होगी
मन बैरी-सा होता होगा
जब तुमने मुझको छोड़ा होगा

धरती रूकती होगी शायद
सूना जीवन का हर कोना होगा
दर्द ने तुमको तोड़ा होगा
तब तुमने मुझको छोड़ा होगा

ये समय 

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ये समय
आत्मा के अज़ान का है
भूखों के सम्मान का है
एकता के विधान का है
परीक्षा और परिणाम का है

ये समय
करुणा के दान का है
सब्र के इम्तिहान का है
स्वावलम्ब के निर्माण का है
ख़ुद के पहचान का है

ये समय
रिश्तों में मुस्कान का है
हर नए पकवान का है
आत्मबोध के ज्ञान का है
चिकित्सकों पे अभिमान का है

ये समय
किताबों के ज्ञान का है
योग और ध्यान का है
प्रार्थना और भगवान का है
अल्लाह और राम का है

समस्या है समाधान ढूँढो

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समस्या है समाधान ढूँढो
अपने जीवन में अभिमान ढूँढो
हर कदम पे है यहाँ कठिनाइयाँ
अपने कठिनाइयों में अपना स्वाभिमान ढूँढो
समस्या है समाधान ढूँढो

गरीबों के दुःख में भगवान ढूँढो
मुहब्बत भरे दिल में अज़ान ढूँढो
मज़हब बहुत हैं इस दुनिया में
हर मज़हब में इंसान ढूँढो
समस्या है समाधान ढूँढो

ये देश बिखर रहा है
एकता की पहचान ढूँढो
हर तरफ नफ़रत है फैली हुई
कहीं तो मुहब्बत का पैगाम ढूँढो
समस्या है समाधान ढूँढो

ज़िन्दगी रुकी सी है
दुनिया थमी सी है
उदासी और बेबसी फैली है यहाँ
कोई तो मुस्कुराहट का सामान ढूँढो
समस्या है समाधान ढूँढो
समस्या है समाधान ढूँढो